वाणिज्यिक बैंकों द्वारा ‘टीज़र ऋण’ की पेशकश आर्थिक चिंता का कारण क्यों है? 1. ‘टीज़र ऋण’ को सब-प्राइम उधार का एक पहलू माना जाता है और भविष्य में बैंकों को डिफॉल्टरों का जोखिम हो सकता है। 2. भारत में, ‘टीज़र ऋण’ ज्यादातर उद्यमियों को विनिर्माण या निर्यात इ
(A) केवल 1
(B) केवल 2
(C) 1 और 2 दोनों
(D) न तो 1 और न ही 2
महत्वपूर्ण तथ्य
टीज़र ऋण सब-प्राइम उधार का हिस्सा हैं और डिफॉल्ट का जोखिम बढ़ाते हैं।
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